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कैंसर विजेताओं के लिए केयर सीएचएल हॉस्पिटल इंदौर में हुई कैंसर सर्वाइवर मीट
कैंसर विजेताओं को किया गया सम्मानित, उन्होंने साझा किए इलाज और रिकवरी के अनुभव
इंदौर, फ़रवरी 2026। कैंसर देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौतियों में शामिल है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, भारत में हर वर्ष लाखों नए कैंसर मामलों का पता चलता है, जिनमें से बड़ी संख्या देर से निदान के कारण जटिल उपचार से गुजरती है। इसी संदर्भ में कैंसर सर्वाइवर्स के अनुभव सामने लाने, समय पर जांच और उपचार के महत्व पर चर्चा करने तथा कैंसर से उभर चुके लोगों को सम्मानित करने के उद्देश्य से केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर में बुधवार 25 फ़रवरी 2026 को ‘कैंसर सर्वाइवर मीट 2026’ का आयोजन किया गया।
इस आयोजन में 50 से अधिक कैंसर विजेताओं जिनका इलाज केयर सीएचएल हॉस्पिटल में सफलतापूर्वक हुआ और व अपने परिवारजनों के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सर्वाइवर्स ने अपने इलाज और रिकवरी से जुड़े अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में आम लोग भी उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से लोगों को कैंसर उपचार से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी मिली और समय पर जांच के महत्व को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केयर सीएचएल के सीनियर ऑन्को सर्जन डॉ. रितेश तपकिरे ने कहा , “कैंसर से ग्रसित मरीजों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वे किसी भी उपचार से पहले अनुभवी और योग्य कैंसर विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें, और बिना किसी वैज्ञानिक आधार वाली उपचार पद्धतियों के बहकावे में न आएं।
केयर सीएचएल के सीनियर हेड एंड नेक ऑन्को सर्जन डॉ. अपूर्व गर्ग ने कहा , “इस तरह के आयोजनों में सर्वाइवर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उनकी बातें मरीजों के लिए सबसे ज्यादा भरोसेमंद होती हैं। हेड एंड नेक कैंसर सहित कई कैंसर ऐसे हैं, जिनके शुरुआती लक्षण सामने आते हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण लोग जांच में देरी कर देते हैं। जब सर्वाइवर्स अपने अनुभव साझा करते हैं, तो यह संदेश जाता है कि समय पर जांच, सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव से कैंसर को हराया जा सकता है।”
कार्यक्रम में विजेताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बीमारी के दौरान शारीरिक उपचार के साथ-साथ मानसिक दबाव भी एक बड़ी चुनौती रहता है, खासकर तब जब जांच और इलाज की प्रक्रिया लंबी होती है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में कैंसर के शुरुआती लक्षण सामने आते हैं, लेकिन उन्हें सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिससे जांच में देरी होती है और बीमारी आगे के चरण में सामने आती है। सर्वाइवर्स के अनुसार, लंबे समय तक दर्द रहना, लगातार सूजन, घाव का न भरना, वजन का अचानक घटना या आवाज़ में बदलाव जैसे संकेतों को गंभीरता से लेने की जरूरत होती है। सर्वाइवर्स ने कहा कि समय पर डॉक्टर से संपर्क और आवश्यक जांच कराने से इलाज अपेक्षाकृत आसान और कम अवधि का हो सकता है। उनके अनुसार, नियमित हेल्थ चेक-अप, डॉक्टर की सलाह पर कराई गई जांच और सही विशेषज्ञ तक समय पर पहुंचने से न केवल इलाज की जटिलता कम होती है, बल्कि मरीज को लंबे और कठिन उपचार से भी बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें और समय रहते जांच कराएं।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल ने विगत दो दशकों में हजारों कैंसर मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया है। इस उद्देश्य से अस्पताल प्रबंधन, श्री मनीष गुप्ता के नेतृत्व में, अनुभवी एवं श्रेष्ठ कैंसर विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है, जो आधुनिकतम तकनीकों जैसे लैप्रोस्कोपी, रोबोटिक कैंसर सर्जरी, इम्यूनोथेरेपी एवं टारगेटेड कीमोथेरेपी के माध्यम से मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज जैन, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रोहित मोदी एवं कंसल्टेंट प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रचिर मुकाती ने भी कैंसर विजेताओं मीट में उपस्थित होकर अपने अनुभव साझा किए और मरीजों का उत्साहवर्धन किया
कार्यक्रम के अंत में कैंसर विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन ने विजेताओं के साहस, अनुशासन और उपचार के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। आयोजन के माध्यम से कैंसर विजेताओं को एक साझा मंच मिला, जहां उनके अनुभवों को सुना गया और उपचार से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाना और समय पर जांच व उपचार के महत्व को रेखांकित करना रहा।


